23वें सियोल इंटरनेशनल इको फिल्म फेस्टिवल का ‘ग्रीन सिनेमा पिकनिक’ रहा बेहद सफल: फिल्म, संगीत और पर्यावरण-मैत्रीपूर्ण मनोरंजन का अनूठा संगम

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23वें सियोल इंटरनेशनल इको फिल्म फेस्टिवल का 'ग्रीन सिनेमा पिकनिक' रहा बेहद सफल: फिल्म, संगीत और पर्यावरण-मैत्रीपूर्ण मनोरंजन का अनूठा संगम

23वें सियोल इंटरनेशनल इको फिल्म फेस्टिवल (SIEFF) ने 23 जून को येओइदो हानगांग पार्क (Yeouido Hangang Park) में अपने आउटडोर कार्यक्रम 'ग्रीन सिनेमा पिकनिक' का सफल आयोजन किया। इको-लाइफस्टाइल ब्रांड बियोंड (BEYOND) के सहयोग से पार्क के वाटर लाइट स्टेज प्लाजा में आयोजित इस पिकनिक का विषय 'इस गर्मी में येओइदो हानगांग पार्क में सबसे धीमा पिकनिक' था। इस अनूठे आयोजन ने फिल्म, संगीत और पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करते हुए एक खास शहरी अनुभव प्रदान किया।

हानगांग पार्क में संस्कृति और पर्यावरण चेतना का अनूठा संगम

एनवायर्नमेंटल फाउंडेशन (Environmental Foundation) द्वारा आयोजित 23वें सियोल इंटरनेशनल इको फिल्म फेस्टिवल (SIEFF) का 'ग्रीन सिनेमा पिकनिक' कार्यक्रम 23 जून को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। येओइदो हानगांग पार्क (Yeouido Hangang Park) में वाटर लाइट स्टेज के सामने प्लाजा में इको-लाइफस्टाइल ब्रांड बियोंड (BEYOND) के सहयोग से आयोजित इस आउटडोर आयोजन ने फिल्म, संगीत और विभिन्न पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों के मिश्रण से बड़ी संख्या में नागरिकों को अपनी ओर आकर्षित किया।

इस आयोजन में शामिल लोगों ने घास पर बैठकर एक विविध कार्यक्रम का आनंद लिया, जिसने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम को विशेष रूप से टिकाऊ जीवनशैली का एक स्वाभाविक अनुभव प्रदान करने और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति लोगों में समझ व सहानुभूति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया था।

इंटरैक्टिव बूथों के ज़रिए टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा

बियोंड (BEYOND) के साथ अपनी साझेदारी के माध्यम से, SIEFF ने ऐसी इंटरैक्टिव सामग्री प्रस्तुत की, जिसे प्रतिभागियों को टिकाऊ जीवनशैली का सीधा अनुभव कराने के लिए डिज़ाइन किया गया था। एक लोकप्रिय गतिविधि 'बियोंड सिग्नेचर सैशे मेकिंग' (BEYOND Signature Sachet Making) थी, जहाँ उपस्थित लोगों ने अपने स्वयं के सुगंधित सैशे बनाए। इसने 'प्रकृति से प्रेरणा' और 'टिकाऊ सौंदर्य' के बियोंड के ब्रांड दर्शन को गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया, जिससे स्थिरता की अवधारणा को अधिक आसानी से समझा जा सका।

इसके अतिरिक्त, अपसाइकिलिंग (upcycling) बूथ भी लगाए गए थे, जहाँ प्रतिभागियों ने छोड़े गए मोजे के टुकड़ों से कीरिंग (keyrings) और टी कोस्टर (tea coasters) बनाए। बुनाई (knitting) अनुभव बूथ और एक एलपी म्यूजिक बार (LP music bar) बूथ ने भी विभिन्न प्रकार के मनोरंजन प्रदान किए। मौके पर आयोजित कार्यक्रमों में बियोंड के प्रचार बूथ पर आने वाले, अनुभव कार्यक्रमों में भाग लेने वाले या सर्वेक्षण पूरा करने वाले नागरिकों के लिए शाकाहारी भोजन कूपन, पेय पदार्थ और पोस्टकार्ड के लिए ड्रॉ भी शामिल थे। बोतल रीसाइक्लिंग अभियान ने संसाधन संरक्षण पर और जोर दिया, जिससे प्रतिभागियों को खाली कंटेनर जमा करके बियोंड उत्पाद के नमूने प्राप्त करने का अवसर मिला।

जो प्रतिभागी अपने साथ दोबारा उपयोग किए जा सकने वाले लंचबॉक्स या टंबलर (tumblers) लाए थे, उन्हें भी कार्यक्रम के मर्चेंडाइज (merchandise) और प्रायोजित वस्तुओं से पुरस्कृत किया गया। इससे दैनिक पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को और प्रोत्साहित किया गया और टिकाऊ उपभोग की संस्कृति को बढ़ावा मिला।

पर्यावरणीय संदेशों से भरपूर आउटडोर फिल्म स्क्रीनिंग

इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण ध्यानपूर्वक चुनी गईं सात पर्यावरणीय लघु फिल्मों का खुले में प्रदर्शन (आउटडोर स्क्रीनिंग) था। इनमें 'प्रोटेक्टिंग टिफ़नी ब्लू 1837' (Protecting Tiffany Blue 1837), 'गुड लक टू ऑल' (Good Luck to All), 'डोराएजी' (Doraeji), 'माई निटिंग क्लब' (My Knitting Club), 'अटाकामा फैशन वीक' (Atacama Fashion Week), 'सिको किंग्गी सांगनासुग: द सी दैट विल नॉट फ़्रीज़ अगेन' (Siko Kinngi Sanganaasug: The Sea That Will Not Freeze Again), और 'बियोंड 1.5' (Beyond 1.5) जैसी फ़िल्में शामिल थीं।

इन फिल्मों ने जलवायु संकट, जैव विविधता, संसाधन पुनर्चक्रण (resource circulation) और समुदाय जैसे विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों को व्यापक रूप से संबोधित किया। उन्होंने दर्शकों को नए दृष्टिकोण प्रदान किए और पर्यावरणीय चिंताओं के प्रति गहरी सहानुभूति जगाई। ये फिल्में पर्यावरणीय समस्याओं की गंभीरता को दर्शाने और साथ ही समाधानों के प्रति आशा व प्रयासों के संदेश देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुईं।

दैनिक गतिविधियों के ज़रिए पर्यावरण जागरूकता का पोषण

सियोल इंटरनेशनल इको फिल्म फेस्टिवल की प्रोग्रामर जंग यंग-जा (Jang Young-ja) ने इस बात पर ज़ोर दिया कि "पर्यावरण संबंधी कार्यों के लिए बड़े बदलावों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि यह छोटे-छोटे रोज़मर्रा के अनुभवों से शुरू हो सकते हैं।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि "इस ग्रीन सिनेमा पिकनिक ने नागरिकों को प्रकृति के करीब आने और पर्यावरण के साथ सह-अस्तित्व के मूल्य पर विचार करने का अवसर प्रदान किया।" उनके इस कथन ने रेखांकित किया कि पर्यावरण संरक्षण असाधारण प्रयासों के बजाय छोटी दैनिक आदतों से ही संभव है।

23वां सियोल इंटरनेशनल इको फिल्म फेस्टिवल 30 जून तक अपने ऑनलाइन स्क्रीनिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्शकों के साथ जुड़ना जारी रखेगा। इसका उद्देश्य विभिन्न स्क्रीनिंग और सहायक कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरणीय सहानुभूति और कार्रवाई के लिए निरंतर एक मंच प्रदान करना है।

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