
ब्राजील के कोरियाई सांस्कृतिक केंद्र और जेजू हेन्यो संग्रहालय ने साओ पाउलो में 'सी ऑफ ब्रेथ: जेजू हेन्यो, महिलाएँ और समुदाय' नामक विशेष प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। जेजू हेन्यो संस्कृति को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल किए जाने की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित यह प्रदर्शनी इन महिला गोताखोरों के जुझारू जीवन और उनकी स्थायी सामुदायिक संस्कृति को वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाना चाहती है। उम्मीद है कि यह आयोजन ब्राजील के स्थानीय आगंतुकों को कोरियाई विरासत के एक समृद्ध पहलू से परिचित कराएगा और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगा।
ब्राजील के साओ पाउलो में जेजू हेन्यो की कहानी का अनावरण
ब्राजील में कोरियाई सांस्कृतिक केंद्र और जेजू हेन्यो संग्रहालय संयुक्त रूप से साओ पाउलो, ब्राजील में 'सी ऑफ ब्रेथ: जेजू हेन्यो, महिलाएँ और समुदाय' नामक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन कर रहे हैं। यह प्रदर्शनी कोरिया की अनूठी हेन्यो संस्कृति को दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर रही है। 12 जून को हुए उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय आगंतुक शामिल हुए, जो जेजू हेन्यो संस्कृति के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है।

यह प्रदर्शनी जेजू हेन्यो संस्कृति को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल किए जाने की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। हेन्यो के जीवन और उनकी सामुदायिक परंपराओं पर प्रकाश डालते हुए, इसका लक्ष्य उनके जुझारू जज्बे और स्थायी प्रथाओं के महत्व को वैश्विक समुदाय के सामने उजागर करना है। यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण मंच है, जो कोरियाई संस्कृति की विविधता और गहराई को दर्शाती है।

जेजू हेन्यो का जुझारू जज्बा: जीवन और स्थायी समुदाय
प्रदर्शनी का शीर्षक 'सी ऑफ ब्रेथ' ही दर्शाता है कि यह जेजू हेन्यो (महिला गोताखोरों) के उस अनूठे जीवन शैली को गहराई से दर्शाती है, जो सदियों से समुद्र के साथ तालमेल बिठाकर जीती रही हैं। बिना ऑक्सीजन टैंक के समुद्र में गोता लगाकर समुद्री भोजन इकट्ठा करने की उनकी जुझारू क्षमता केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व का भी प्रतीक है। यह प्रदर्शनी हेन्यो के कार्य-वातावरण और उनके दैनिक जीवन का सजीव चित्रण करती है, जिससे आगंतुकों को उनके बारे में गहरी समझ मिलती है।
यह विशेष प्रदर्शनी मुख्य रूप से जेजू हेन्यो संस्कृति के मूल तत्वों: 'महिला' और 'समुदाय' पर केंद्रित है। पीढ़ियों से, इन महिलाओं ने अपने गोताखोरी के काम से अपने परिवारों का भरण-पोषण किया है और जेजू द्वीप पर आत्मनिर्भर जीवन जीया है। इसके अतिरिक्त, उनकी सामुदायिक भावना, जो आपसी सहयोग और निर्भरता पर आधारित है, हेन्यो संस्कृति को कायम रखने में एक महत्वपूर्ण कारक रही है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से, आगंतुक हेन्यो द्वारा प्रदर्शित एकजुटता और सहकारिता के मूल्यों को अनुभव कर सकते हैं और गहरी समझ प्राप्त कर सकते हैं।
संस्कृतियों को जोड़ना: आदान-प्रदान के माध्यम से कोरिया और ब्राजील
ब्राजील में कोरियाई सांस्कृतिक केंद्र इस विशेष प्रदर्शनी का उपयोग स्थानीय ब्राजीलियाई दर्शकों को कोरियाई संस्कृति के विस्तृत पहलुओं से परिचित कराने के लिए कर रहा है। उद्घाटन समारोह में अपने बधाई भाषण में, निदेशक जियोंग जियोंग-ही ने प्रदर्शनी के महत्वपूर्ण उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा, "हमें उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी कोरियाई संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित करने और ब्राजील व कोरिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और अधिक बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगी।"
स्थानीय ब्राजीलियाई आगंतुकों ने हेन्यो के अनूठे इतिहास और जीवनशैली में गहरी रुचि दिखाई। प्रदर्शित तस्वीरों और सामग्रियों के ज़रिए, उन्होंने कोरिया के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों और वहाँ रहने वाले लोगों की कहानियों को जाना। इस प्रदर्शनी को इस बात के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में सराहा जा रहा है कि कैसे पारंपरिक कोरियाई संस्कृति आधुनिक समाज में भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रख सकती है और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के साथ तालमेल बिठा सकती है।
